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IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामले में नया मोड़ प्रोफेसर पर जातीय उत्पीड़न का आरोप
nidhi
20 Sept 2026 8:23 AM IST

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प्रोफेसर पर FIR क्राइम ब्रांच करेगी जांच
मुंबई: IIT बॉम्बे के 20 वर्षीय बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। छात्र के पिता ने संस्थान के एक प्रोफेसर पर उनके बेटे के खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियां करने और कथित तौर पर मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला और अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने तथा एससी-एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
साहिल वाकोडे IIT बॉम्बे के डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग में दूसरे वर्ष का छात्र था। शुक्रवार को परीक्षा के दौरान उसे मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने की बात सामने आई थी। IIT बॉम्बे के अनुसार छात्र ने परीक्षा के प्रश्नपत्र को ChatGPT पर अपलोड कर उत्तर हासिल करने की कोशिश की थी। इसके कुछ घंटे बाद वह हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया।
छात्र की मौत के बाद उसके पिता रविंद्र वाकोडे ने गंभीर आरोप लगाए। शिकायत में उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा पिछले करीब तीन महीनों से कथित जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का सामना कर रहा था। पिता का आरोप है कि प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला उसके खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियां करते थे और उसे गलत तरीके से फंसाने की धमकी भी दी गई थी। पुलिस ने इन्हीं आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। फिलहाल ये आरोप जांच के दायरे में हैं और अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
वहीं IIT बॉम्बे प्रशासन ने जातिगत भेदभाव के आरोपों से इनकार किया है। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर शिरीश बी. केदारे ने कहा कि परिसर में जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता। संस्थान के SC/ST स्टूडेंट्स एंड स्टाफ सेल ने भी कहा है कि साहिल की ओर से जातिगत भेदभाव को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
परीक्षा की घटना को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। परिवार और कुछ छात्रों का आरोप है कि साहिल को निलंबन की धमकी दी गई थी। दूसरी ओर IIT बॉम्बे का कहना है कि उसके खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। संस्थान के मुताबिक शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने छात्र से बातचीत कर उसे समझाया था और भरोसा दिलाया था कि घटना से उसके शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। घटना के बाद IIT बॉम्बे परिसर में छात्रों ने प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। परिवार ने भी कार्रवाई की मांग करते हुए शुरुआत में शव लेने से इनकार कर दिया था। बाद में पुलिस अधिकारियों की ओर से जांच का भरोसा दिए जाने के बाद परिवार शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुआ।
मुंबई पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। अब जांच में परिवार की शिकायत, संस्थान के अधिकारियों और छात्रों के बयान तथा परीक्षा के बाद हुई घटनाओं की परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी। IIT बॉम्बे ने कहा है कि वह जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग करेगा और जांच पूरी होने तक अटकलों से बचने की अपील की है।
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